बारिश का पहला प्यार ☔❤️

जय रोज़ की तरह उस दिन भी ऑफिस से घर लौटने के लिए बस स्टॉप पर खड़ा था। आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन जय मोबाइल में खोया हुआ था। तभी अचानक से तेज़ बारिश शुरू हो गई। लोग इधर-उधर भागने लगे, कोई शेड के नीचे जा छिपा, कोई छाता खोलने लगा—लेकिन जय वहीं खड़ा रह गया, भीगता हुआ।

उसी पल उसकी नज़र सामने पड़ी—एक लड़की, बिना किसी चिंता के बारिश में भीगती हुई, जैसे बारिश के हर कतरे से दोस्ती हो। वो हँस रही थी, अपने बालों को झटक रही थी और पागलों की तरह बारिश का आनंद ले रही थी। उसके चेहरे पर जो सुकून था, वो किसी कविता की तरह था।

जय का दिल वहीं रुक गया। पहली बार किसी अनजान से इतना जुड़ाव महसूस हुआ। उसे लगा, जैसे बारिश उसे सिर्फ उसी से मिलाने आई हो।

उसने हिम्मत करके धीरे से पास जाकर कहा,
"तुम्हें बारिश से डर नहीं लगता?"
लड़की मुस्कराई और बोली,
"डर नहीं... ये तो मेरा पहला प्यार है।"

जय ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
"शायद अब मेरा भी..."

और फिर बारिश थम गई—लेकिन उस दिन जय का दिल भीग चुका था, और साथ ही एक नई कहानी शुरू हो गई थी...

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